सीकर : रामलीला मैदान में चल रहे श्री करणी कथा महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को माता करणी के दिव्य विवाह उत्सव का अत्यंत भव्य, भक्तिमय एवं भावनात्मक आयोजन किया गया। विवाह प्रसंग के दौरान पूरा कथा पंडाल श्रद्धा, आस्था और भक्ति के रंग में रंग गया। इंद्रदेव की रिमझिम फुहारों के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरा परिसर "जय करणी माता" के जयघोष से गूंजायमान रहा।
कथा वाचक डॉ. करणी प्रताप सिंह महाराज ने माता करणी के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उनके त्याग, तपस्या, सेवा, समर्पण और लोक कल्याणकारी जीवन का मार्मिक चित्रण किया। उन्होंने कहा कि माता करणी का जीवन केवल आध्यात्मिक चेतना का ही नहीं, बल्कि धर्म, मानवता, करुणा और निःस्वार्थ सेवा का भी अनुपम संदेश देता है। उनका प्रत्येक प्रसंग भक्तों को सत्य, धर्म और लोकमंगल के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
विवाह उत्सव के अवसर पर सुप्रसिद्ध भजन गायक किन्नू बन्ना ने अपनी मधुर भजन प्रस्तुतियों से ऐसा भक्तिमय वातावरण निर्मित किया कि श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूम उठे। आकर्षक पुष्प सज्जा, मनमोहक झांकियों और पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुए विवाह उत्सव ने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
उत्सव के दौरान मातृशक्ति ने कन्यादान की भावना के साथ माता करणी को सुहाग की चुनरी, चूड़ा और मेहंदी अर्पित कर मंगल कामनाएं कीं। धार्मिक आयोजन में चेतना सोनी, पुत्री सोनू सोनी, ने प्रसाद स्वरूप माता करणी को ₹51 हजार की भेंट अर्पित की। कथा सेवा में समर्पित महिला मंडल की रेखा राठौड़, रमा शेखावत, सोनू सोनी, विनोद कंवर, ज्योति सोनी एवं मीनू कंवर सहित अन्य महिलाओं को डॉ. करणी प्रताप सिंह महाराज ने माता करणी का पावन दुपट्टा भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया।
कथा समापन पर किन्नर समाज की महामंडलेश्वर माही शेखावत ने माता करणी की महाआरती की। इसके पश्चात उपस्थित महिलाओं ने सामूहिक आरती में भाग लेकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, मंगल और खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर राजेंद्र सिंह खिड़िया,अधिवक्ता, राजस्थान हाईकोर्ट, आनंद सिंह भवानीपुरा, एडवोकेट सुधीर प्रताप सिंह, जयसिंह कीनिया अध्यक्ष, शेखावाटी चारण महासभा,बजरंग सिंह राठौड़ पूजा स्कूल, डीडवाना, माधो सिंह चारण, रमा शेखावत, शंकर सिंह कविया तथा भंवरलाल जांगिड़ सहित हजारों नर-नारियों अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए आगामी कथा दिवसों में भी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर माता करणी की कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।