सीकर : शेखावाटी पत्रकार संस्थान (पंजी.) के तत्वावधान में सोमवार को रींगस स्थित स्टैंडर्ड एमडी स्वीट्स होटल में शेखावाटी मीडिया सम्मेलन-2026 का भव्य आयोजन किया गया। द्विवार्षिक सम्मेलन में शेखावाटी अंचल के 150 से अधिक पत्रकारों ने भाग लेकर बदलते दौर में पत्रकारिता की दिशा, दशा और भविष्य के साथ-साथ मीडिया के समक्ष खड़ी चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष विद्याधर शर्मा ने की। संस्थान के संरक्षक प्रदीप शर्मा के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी कालीदास स्वामी एवं तहसीलदार महेश ओला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।
मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार सम्ब्रत चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता पहले की अपेक्षा कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। तकनीकी बदलाव, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और फेक न्यूज के दौर में निष्पक्ष, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों का दायित्व केवल सूचना देना ही नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का भी है।
कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के ओएसडी प्रमोद शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार जेपी शर्मा, बाल मुकुंद जोशी, प्रियव्रत जोशी, रमेश शर्मा तथा दीपक पारासर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी, डिजिटल युग की चुनौतियों और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
आरएसडब्ल्यूएम लिमिटेड के मुख्य प्रबंधक राजीव दीक्षित ने कहा कि पत्रकारों को पत्रकारिता के साथ-साथ आय के वैकल्पिक स्रोतों पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता कर सकें।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन शिक्षक भारत धींगड़ा ने किया। सम्मेलन में संस्थान के पूर्व अध्यक्ष बीएल सरोज, उपाध्यक्ष श्रवण कुमार, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमावत, सचिव हरीश गुर्जर, विधि सलाहकार एडवोकेट हरीश स्वामी, वरिष्ठ सदस्य द्वारका प्रसाद कौशिक एवं लोकेश शर्मा सहित संस्थान के पदाधिकारियों ने अतिथियों एवं पत्रकारों का स्वागत किया।
सम्मेलन के दौरान पत्रकारों ने बदलते मीडिया परिदृश्य में विश्वसनीय पत्रकारिता को मजबूत बनाने, पत्रकारों के हितों की रक्षा तथा नई पीढ़ी को मूल्याधारित पत्रकारिता से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।