जयपुर : अजमेर जिला पुलिस की आदर्श नगर थाना टीम और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई करते हुए शहर के पॉश इलाके में हुई एक बहुत बड़ी घरेलू चोरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर वारदात को अंजाम देने वाले शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित डेढ़ करोड़ रुपये कीमत के संपूर्ण सोने-हीरे के जेवरात और 5 लाख रुपये नगद शत-प्रतिशत बरामद कर लिए हैं। इस हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना को अंजाम देने वाला कोई बाहरी गिरोह नहीं, बल्कि परिवादी का सगा भतीजा और उसकी पत्नी ही निकले, जिन्होंने आपसी रंजिश और लालच के चलते इस वारदात की पूरी पटकथा लिखी थी।
यह सनसनीखेज मामला आदर्श नगर थाना क्षेत्र का है, जहां बंगला नंबर 56, माधव द्वार निवासी गोपाल खंडेलवाल (64) ने 1 जुलाई को थाने में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया था कि 30 जून को वे अपने काम से दोपहर में बाहर गए थे, जबकि उनकी पत्नी, दो बेटे और दोनों पुत्रवधू घर पर ताला लगाकर खाटूश्यामजी दर्शन के लिए चले गए थे। जब परिवार देर रात और सुबह वापस लौटा, तो घर के मुख्य ताले तो वैसे ही लगे मिले, लेकिन बेडरूम के अंदर बनी मुख्य अलमारी से 15 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां, 5 सोने के हार सेट, 4 सोने की चूड़ियां, 1 हीरे का मंगलसूत्र, 1 सोने का मंगलसूत्र, 1 हीरे की अंगूठी और 4 सोने की चेन गायब थीं।
चाचा-भतीजे का था रिश्ता, चाबी चुराकर ऐसे दिया वारदात को अंजाम
अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर एवं मुख्यालय हिमांशु जांगिड़ और वृत्ताधिकारी वृत्त दक्षिण मनीष बड़गुर्जर के निकटतम सुपरविजन में थानाधिकारी दिलीप मुक्कड़ और डीएसटी प्रभारी शंकर सिंह रावत के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। घटनास्थल पर बुलाई गई एफएसएल और एमओबी की टीमों ने बारीकी से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस टीम को पहली ही नजर में समझ आ गया था कि मकान के ताले टूटे बिना इतनी बड़ी चोरी बिना किसी करीबी की मिलीभगत के संभव नहीं है।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का सहारा लेते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मोबाइल टावरों का बीटीएस डेटा निकाला और परिवार के ही संदिग्ध सदस्यों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड का गहनता से विश्लेषण किया। इस दौरान पहली मंजिल पर रहने वाले परिवादी के भतीजे मनीष खंडेलवाल उर्फ मोनी (47) और उसकी पत्नी दीप्ति खंडेलवाल उर्फ डोली (43) की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक और कड़े तरीके से दोनों से पूछताछ की, तो वे टूट गए और अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रंजिश के चलते वारदात से एक दिन पहले ही चाचा के कमरे की एक चाबी चुपके से चुरा ली थी। 30 जून को जैसे ही पूरा परिवार खाटूश्यामजी गया, उन्होंने मौका पाकर नीचे के कमरे का लॉक खोला और ड्रेसिंग रूम की अलमारी से 1-1 किलो की 15 चांदी की सिल्लियां, सोने-हीरे के जेवरात और 5 लाख रुपये नगद चोरी कर अपने ही कमरे में छिपा दिए।
दोनों आरोपियों की अधिकारिक गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने उनकी निशानदेही पर उनके कमरे की तलाशी ली, जहां से परिवादी के कमरे की चोरी की गई चाबी, 15 किलो चांदी की सिल्लियां, 5 लाख रुपये नगद और गायब हुए सोने व हीरे के समस्त जेवरात पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिए गए।