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नए साल पर राजस्थान के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, कई शहरों में जाम

जयपुर :साल 2026 के पहले दिन राजस्थान में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में नववर्ष पर भगवान के दर्शन के लिए सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। कई शहरों में मंदिरों के आसपास यातायात जाम की स्थिति बन गई।

राजधानी जयपुर में गोविंद देवजी और मोती डूंगरी गणेश मंदिर के बाहर गुरुवार सुबह चार बजे से ही लंबी कतारें लग गईं। परकोटे क्षेत्र की बड़ी चौपड़ और चांदी की टकसाल रोड पर तड़के चार बजे जाम लग गया। कारें रेंगती रहीं। अधिकतर वाहन गोविंद देवजी के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के थे। गोविंद देवजी मंदिर में तड़के मंगला आरती के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने आराध्य के दर्शन किए। मंगला झांकी के लिए भी सुबह चार बजे से लाइन लग गई। टोंक फाटक से दर्शन को पहुंचे मनीष जैन ने कहा कि वह हर शनिवार को आते हैं और नए साल की शुरुआत यहां आकर करना अच्छा लगता है।

सीकर जिले के खाटूश्यामजी मंदिर में भी नववर्ष पर खास रौनक रही। तीन दिन से मंदिर के पट खुले हुए हैं और गुरुवार रात तक लगातार दर्शन होंगे। नए साल के आगाज पर श्रद्धालुओं के लिए मशीनों से स्नोफॉल भी कराया गया।

चित्तौड़गढ़ जिले में श्री सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। मंगला आरती के समय खासा दबाव रहा। मंदिर प्रशासन के अनुसार 2 जनवरी तक दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की एंट्री मीरा सर्किल स्थित गेट से ही कराई जा रही है। मंदिर की सीईओ और एडीएम प्रशासन प्रभा गौतम भी सुबह मंदिर पहुंचीं।

दौसा के मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में भी नए साल के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आराध्य के दर्शन के लिए पहुंचे।

सवाई माधोपुर में त्रिनेत्र गणेश मंदिर के दर्शन को लेकर अलसुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह करीब छह बजे मंदिर मार्ग पर वाहनों की करीब आधा किलोमीटर लंबी कतार लग गई, जिससे काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही।

कोटा में मौसम खराब होने का असर मंदिरों में दिखा। रंगबाड़ी स्थित खड़े गणेश मंदिर में सुबह पांच बजे से भक्तों का आना शुरू हुआ, लेकिन इस बार भीड़ अपेक्षाकृत कम रही।

चूरू जिले के सालासर बालाजी मंदिर में नववर्ष पर विशेष व्यवस्था की गई। रात एक बजे पट खुलने के बाद सुबह सात बजे तक करीब 70 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। मंदिर प्रशासन के अनुसार दिनभर में डेढ़ लाख से अधिक भक्तों के आने की संभावना है।

नववर्ष के अवसर पर प्रदेशभर के मंदिरों में आस्था, अनुशासन और व्यवस्थाओं का संगम देखने को मिला, वहीं कई स्थानों पर बढ़ती भीड़ के चलते यातायात और सुरक्षा को लेकर प्रशासन को अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े।