सीकर: माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य एवं सांसद कामरेड अमराराम ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की फतेहपुर सभा में शेखावाटी की पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं को लेकर किए गए दावों पर तीखे सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि तीन साल से घोषणाएं हो रही हैं, लेकिन शेखावाटी की प्यास और किसानों की सिंचाई की समस्या जस की तस है.
अमराराम ने कहा कि करीब 8 हजार करोड़ रुपये की सीकर-झुंझुनूं जल जीवन मिशन परियोजना वर्ष 2021 से प्रस्तावित है, फिर राज्य सरकार ने अब तक अपने हिस्से की राशि की ठोस व्यवस्था क्यों नहीं की? उन्होंने कहा कि सरकार को दावों के बजाय परियोजना की प्रगति और खर्च का स्पष्ट हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए.
पोंग बांध से राजस्थान के हिस्से के 6 एमएएफ पानी का मुद्दा उठाते हुए अमराराम ने सवाल किया कि डबल इंजन सरकार होने के बावजूद राजस्थान अपने हिस्से के पानी के लिए कब तक इंतजार करेगा? उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में शेखावाटी को पानी देना चाहती है तो इस मुद्दे पर समयबद्ध कार्रवाई और स्पष्ट परिणाम सामने आने चाहिए.
यमुना जल परियोजना को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगा कि शेखावाटी की कितनी भूमि वास्तव में सिंचित होगी और पानी खेतों तक पहुंचाने की अंतिम समयसीमा क्या है? उन्होंने कहा कि केवल जमीन के सोना उगलने के दावे करने से किसानों की सिंचाई समस्या दूर नहीं होगी.
अमराराम ने बाजरे की समर्थन मूल्य पर खरीद को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने सवाल किया कि जब राजस्थान बाजरे का प्रमुख उत्पादक राज्य है, तो शेखावाटी के किसानों से एमएसपी पर खरीद कब शुरू होगी? उन्होंने कहा कि किसानों को समर्थन मूल्य की घोषणा नहीं, बल्कि खरीद की गारंटी चाहिए.
उन्होंने कहा कि शेखावाटी की जनता अब भाषण नहीं, तारीख, बजट और जमीन पर काम चाहती है। सरकार पेयजल और सिंचाई योजनाओं की स्पष्ट समयसीमा घोषित करे, राज्यांश तत्काल जारी करे और किसानों को बाजरे की वास्तविक खरीद की व्यवस्था उपलब्ध कराए.