■ बाल मुकुंद जोशी
फतेहपुर शेखावाटी नगर परिषद सभापति पद के लिए सोमवार को हुए चुनाव में भाजपा की अंजू भिंडा ने कांग्रेस की निकिता रिणवा को पांच मतों से पराजित कर सभापति पद पर कब्जा जमा लिया. कुल 55 पार्षदों में से अंजू भिंडा को 30 और कांग्रेस प्रत्याशी निकिता रिणवा को 25 मत मिले. परिणाम घोषित होते ही भाजपा खेमे में जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों ने नारेबाजी और आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया.
रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी पंकज गढ़वाल ने अंजू भिंडा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई तथा निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा. मतदान प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हुई। मतदान के बाद मतगणना की गई और परिणाम घोषित किया गया.
सात दिन की बाड़ाबंदी के बाद मतदान केंद्र पहुंचे पार्षद
सभापति चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने अपने-अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी कर रखी थी.करीब सात दिन बाद दोनों दल अपने पार्षदों के साथ समर्थक निर्दलीय पार्षदों को बसों से सीधे मतदान स्थल लेकर पहुंचे. चुनाव को देखते हुए मतदान केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.
परिणाम सामने आने के बाद भाजपा खेमे में उत्साह और कांग्रेस खेमे में मायूसी नजर आई. चुनाव परिणाम के बाद दोनों खेमों में मतों के क्रॉस होने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गईं.
सभापति चुनाव से पहले भाजपा खेमे की ओर से अंजू भिंडा के पक्ष में 30 पार्षदों के समर्थन का दावा किया जा रहा था.अंजू भिंडा की जीत के बाद भाजपा नेता श्रवण चौधरी, पूर्व पालिकाध्यक्ष मधुसूदन भिंडा और पूर्व विधायक नंदकिशोर महरिया सहित बड़ी संख्या में समर्थक एक साथ नजर आए.
अंजू भिंडा के सभापति बनने के साथ ही फतेहपुर की स्थानीय राजनीति में भिंडा परिवार की राजनीतिक उपस्थिति एक बार फिर चर्चा में आ गई है. परिवार की तीन पीढ़ियां करीब 20 वर्षों तक पालिकाध्यक्ष की कुर्सी पर रह चुकी हैं.स्व.बनवारीलाल भिंडा के बाद उनके पुत्र मधुसूदन भिंडा और पौत्रवधू ललिता भिंडा भी पालिकाध्यक्ष रह चुकी हैं. वर्ष 2021 में कांग्रेस के मुस्ताक नजमी सभापति बने थे. अब 2026 में अंजू भिंडा की जीत के साथ भिंडा परिवार की फिर से नगर परिषद की सत्ता में वापसी हुई है.
अंजू भिंडा भाजपा नेता मधुसूदन भिंडा की धर्मपत्नी हैं और भाजपा नेता घनश्याम तिवाड़ी की बहन हैं. उनके सभापति निर्वाचित होने के बाद फतेहपुर नगर परिषद की राजनीति में भिंडा परिवार की भूमिका एक बार फिर प्रमुख चर्चा का विषय बन गई है.