नवलगढ़ : यूनाईटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के तत्वावधान में बाबा रामदेव मंदिर के पास चल रही जीणमाता कथा में शनिवार को मां जीण का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कथा के दौरान जैसे ही घांघू के महाराज गंगोसिंह चौहान के घर जयन्ती के रूप में मां जीण का अवतरण हुआ, कथास्थल जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और मिठाई बांटकर जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। इस दौरान अनेक श्रद्धालु भक्ति भाव में भावविभोर होकर नृत्य करने लगे। कथास्थल पर मां जीण के अवतरण का प्रतीकात्मक केक भी काटा गया।
दूसरे दिन की कथा सुनाते हुए कथावाचक महंत डॉ. करणीप्रताप महाराज ने कहा कि घांघू के महाराज गंगोसिंह चौहान अपने गुरु के साथ तीर्थयात्रा पर गए थे। गुरु के आदेश पर उन्होंने गंगा तट पर जीणमाता की तपस्या शुरू की। तपस्या के दौरान अनेक विघ्न आए, लेकिन गंगोसिंह अपनी साधना में अडिग रहे। उनकी भक्ति और तपस्या से प्रसन्न होकर अष्टमी की रात देवी दुर्गा सिंह पर सवार होकर उन्हें दर्शन देने पहुंचीं।
कथावाचक ने बताया कि देवी दुर्गा ने भक्त गंगोसिंह से कहा कि वे उनकी भक्ति से प्रसन्न हैं और अपनी विभूति के रूप में जयन्ती नाम की कन्या के रूप में उनके घर अवतार लेंगी। यही कन्या कलियुग में भक्तों का उद्धार करने वाली जीणभवानी के रूप में विख्यात होगी। मां के आशीर्वाद से महाराज गंगोसिंह की रानी के गर्भ से हर्षभैरूनाथ के बाद जयन्ती के रूप में कन्या का जन्म हुआ। उनके जन्म लेते ही चारों ओर आनंद का वातावरण छा गया।
डॉ. करणीप्रताप महाराज ने कहा कि संसार का समस्त वैभव मां भगवती की कृपा से प्राप्त होता है। जिस पर मां की कृपा हो जाए, उसके जीवन में किसी प्रकार की कमी नहीं रहती। मां जीण की कथा और भजनों का श्रवण मन को शुद्ध करने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्होंने गुरु की महत्ता बताते हुए कहा कि गुरु व्यक्ति को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। इसलिए जीवन में गुरु, संत और माता-पिता का सदैव सम्मान करना चाहिए। कथा के शुभारंभ से पूर्व 108 मंगल नामों से देवी की आराधना की गई। प्रसाद की व्यवस्था करने पर राधेश्याम जांगिड़, अनिल जांगिड़ और आशीष का कथावाचक ने सम्मान किया।
20 अगस्त तक चलेगी कथा
जीणमाता कथा का आयोजन 20 अगस्त तक किया जाएगा। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक रहेगा। जन्मोत्सव के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथास्थल पहुंचे।
रविवार को लगेगा निशुल्क नेत्र जांच शिविर
कथावाचक डॉ. करणीप्रताप ने बताया कि रविवार को सुबह सवा आठ बजे से कथास्थल पर निशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में सताक्षी हॉस्पिटल जयपुर की टीम सेवाएं देगी। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ उठाने का आह्वान किया।