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जीणमाता की कथा श्रवण से दूर होते हैं जीवन के संकट

नवलगढ़: बाबा रामदेव मंदिर के पास शुक्रवार को यूनाईटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के तत्वावधान में जीणमाता की संगीतमय कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन श्रद्धालु मां जीण भवानी की भक्ति में सराबोर नजर आए। कथावाचक महंत डॉ. करणीप्रताप महाराज ने विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि जीणमाता ज्ञान और समृद्धि प्रदान करने वाली देवी हैं। उनकी आराधना से भक्तों के संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।

उन्होंने कहा कि कथा जीवन की व्यथा का नाश करती है। जीणमाता की कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से जीवन के संकट दूर होते हैं। माताजी की ज्योत लेने से सभी देवी-देवताओं की पूजा का पुण्य प्राप्त होता है। देवताओं और भक्तों के कार्य सिद्ध करने के लिए देवी समय-समय पर अवतार लेती हैं। उन्होंने कहा कि देवी ऐसे परिवार में अवतार लेती हैं, जहां माता-पिता, गुरुजनों और गोमाता के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति का भाव होता है।
कथावाचक ने कहा कि मां की शरण में जाने और उनकी आराधना करने से भक्तों को सुख-शांति की प्राप्ति होती है। कथा के शुभारंभ पर 108 मंगल नामों से मां जीण भवानी की अर्चना की गई। कथा के समापन पर मुरलीधर जांगिड़ और डॉ. योगेश ने मां जीण भवानी की आरती उतारी।

भजनों पर भाव-विभोर होकर झूमे श्रद्धालु

जीणमाता की संगीतमय कथा सुनने के लिए नवलगढ़ शहर के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं और पुरुषों ने श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण किया। कथा के दौरान जीणमाता और बाबा रामदेव के भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। पूरा कथा पांडाल मां के जयकारों और भजनों से भक्तिमय हो गया।

आज मनाया जाएगा मां जीण का जन्मोत्सव

कथावाचक डॉ. करणीप्रताप महाराज ने बताया कि शनिवार को कथा पांडाल में मां जीणमाता का मंगल जन्मोत्सव मनाया जाएगा। कथा के दौरान प्रतिदिन विशेष धार्मिक उत्सव आयोजित किए जाएंगे। रविवार को कथा पांडाल में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर भी लगाया जाएगा। जीणमाता की कथा का आयोजन 20 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक होगा।