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श्री करणी कथा महोत्सव का भव्य समापन, श्रद्धा और भक्ति में डूबा रामलीला मैदान

सीकर: नौ दिवसीय श्री करणी कथा महोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कथा पंडाल में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। "हम माँ करणी के और माँ करणी हमारी" के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। कथा की पूर्णाहुति के अवसर पर हजारों श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं, भावुक हो उठीं और भक्तिमय वातावरण में माँ करणी से सुख, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की।
कथावाचक डॉ. करणी प्रताप सिंह महाराज ने अपने प्रेरक प्रवचनों में कहा कि माँ करणी किसी एक जाति या समाज की नहीं, बल्कि समस्त मानवता के कल्याण की अधिष्ठात्री शक्ति हैं। उनकी कृपा सभी भक्तों पर समान रूप से बरसती है। उन्होंने माँ करणी के चमत्कारों, उनके दिव्य स्वरूप तथा मानव जीवन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सेवा, भक्ति और संस्कारों को जीवन का आधार बताया।
महाराज ने देशनोक स्थित माँ करणी की पावन प्रतिमा के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रतिमा एक वृद्ध, निर्धन और नेत्रहीन भक्त द्वारा माँ की दिव्य प्रेरणा से निर्मित कराई गई थी। यह प्रसंग माँ की करुणा और भक्तवत्सलता का अद्भुत उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक राजाओं का राजतिलक भी माँ करणी के आशीर्वाद से संपन्न हुआ। माँ करणी केवल चमत्कारों की प्रतीक नहीं, बल्कि नारी शक्ति, मातृशक्ति, धर्म, सेवा और समाज कल्याण की प्रेरणा हैं। उन्होंने बालिका शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि जिस समाज में बेटियों को शिक्षा और सम्मान मिलता है, वही समाज संस्कारित और समृद्ध बनता है।
अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन भोग के लिए नहीं, बल्कि भक्ति, साधना और सेवा के लिए मिला है। प्रत्येक व्यक्ति को जनसेवा का संकल्प लेना चाहिए तथा अहंकार का त्याग कर परोपकार और सद्भाव का मार्ग अपनाना चाहिए। सच्ची भक्ति वही है, जो मानव सेवा के रूप में दिखाई दे।

कथा की पूर्णाहुति पर भजनों, संकीर्तन और जयघोष से पूरा रामलीला मैदान भक्तिरस में सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने माँ करणी के श्रीचरणों में नमन कर परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की तथा अगले वर्ष पुनः कथा महोत्सव में सम्मिलित होने का संकल्प लिया।

कथा महोत्सव के दौरान विधायक राजेंद्र पारीक,डॉ. जी.एल. राठी, डॉ. एस.एल. सोनी, सीए सुनील मोर, शशि बहड़, अमर सिंह कविया, एडवोकेट डाॅ. प्रदीप जोशी, रिछपाल सिंह कविया, भंवरलाल जांगिड़, भजन गायक रामावतार तथा माँ करणी के अनन्य भक्त सुरेंद्र मारवाड़ी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने माँ करणी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।