सीकर: रामलीला मैदान में चल रहे भव्य श्री करणी कथा महोत्सव में शुक्रवार को कथा वाचक डॉ. करणी प्रताप सिंह महाराज ने माँ करणी के दिव्य चमत्कारों एवं भैरवनाथ प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल भक्ति और श्रद्धा के वातावरण से सराबोर रहा तथा श्रद्धालु "जय करणी माता" के जयघोष करते रहे।
महाराज श्री ने कहा कि माँ करणी ने अपने तप, त्याग, करुणा और लोककल्याण की भावना से समाज को धर्म, सत्य और सेवा का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास से माँ का स्मरण करने वाले भक्तों पर सदैव उनकी असीम कृपा बनी रहती है। भक्त जिस भाव से माँ को पुकारता है, माँ उसी रूप में उसकी रक्षा और कल्याण करती हैं।
कथा के विशेष प्रसंग में भैरवनाथ की कथा का विस्तृत वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार का अंत निश्चित है, जबकि भक्ति, विनम्रता और सदाचार ही जीवन की वास्तविक शक्ति हैं। माँ करणी और भैरव के चमत्कारों का जितना वर्णन किया जाए, वह कम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में धर्म, सेवा और सदाचार को अपनाने का आह्वान किया।
कथा वाचन के दौरान बीकाजी को माँ करणी के आशीर्वाद से कोडमदेसर भेरू मंदिर की स्थापना का प्रसंग भी श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर करणी भक्त दशरथ सिंह नरसास एवं बसंत सिंह मोहनबाड़ी ने प्रसाद स्वरूप माँ करणी के दरबार में 11-11 हजार रुपए की भेंट अर्पित की।
इस दौरान पूर्व आईएएस अधिकारी राजेंद्र सिंह शेखावत, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, ओम सिंह शेखावत, देवगढ़ देवीपुरा बालाजी धाम के अभिषेक शर्मा तथा अनिल चतेरा सहित अनेक श्रद्धालुओं को महाराज श्री ने माँ करणी का पावन दुपट्टा भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया। कथा के दौरान सीकर के मीडिया कर्मियों को भी माँ करणी का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण भी किया गया। आयोजकों ने बताया कि शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूर्णाहुति के साथ श्री करणी कथा महोत्सव का श्रद्धापूर्वक समापन होगा।