यह पूरे चौमाल परिवार के लिए गर्व और हर्ष का विषय है कि पंडित देवीदत्त शर्मा जी की बहुएँ अनुपमा पाठक एवं प्रेमलता पाठक का असिस्टेंट प्रोफेसर (संस्कृत) पद पर चयन हुआ है। अनुपमा पाठक ने 14वीं रैंक तथा प्रेमलता पाठक ने 36वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया है।
प्रेमलता पाठक, पंडित देवीदत्त शर्मा जी के सबसे बड़े पुत्र विजय शर्मा की धर्मपत्नी हैं, जबकि अनुपमा पाठक, पंडित देवीदत्त शर्मा जी के सबसे छोटे पुत्र जितेंद्र कुमार शर्मा की धर्मपत्नी हैं।
दोनों बहुएँ पहले से ही राजकीय सेवा में कार्यरत हैं। वर्तमान में अनुपमा पाठक वरिष्ठ अध्यापक (संस्कृत) तथा प्रेमलता पाठक व्याख्याता (संस्कृत) के पद पर अपनी सेवाएँ दे रही हैं। दोनों ने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर न केवल पंडित देवीदत्त शर्मा जी एवं पूरे चौमाल परिवार का, बल्कि ग्राम मरडाटू बड़ी, फतेहपुर (सीकर) सहित पूरे क्षेत्र का भी गौरव बढ़ाया है।
यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। अनुपमा पाठक एवं प्रेमलता पाठक की यह सफलता समाज की अन्य बहुओं और बेटियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी तथा उन्हें शिक्षा और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।
चौमाल परिवार ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा शुभचिंतकों के आशीर्वाद और सहयोग को दिया है। परिवार के सभी सदस्यों, रिश्तेदारों एवं ग्राम मरडाटू बड़ी, फतेहपुर (सीकर) के क्षेत्रवासियों ने दोनों बहुओं को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।