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जाखड की नियुक्ती नेता की ठप्पा नहीं पार्टी के प्रति समर्पण का इनाम है


▪︎ बाल मुकुंद जोशी

एनएसयूआई का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाने के बाद विनोद जाखड़ पर किसी विशेष नेता का "ठप्पा" लगाना और उसका अपनी-अपनी रुचि से हवाबाजी करना किसी का एजेंडा हो सकता है..लेकिन जाखड के छोटे और प्रभावशाली से सियासी सफर पर नजर डाले तो यह साफ है कि उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा समर्पण और मजबूती से काम करने की शैली का ईनाम है कि आज उन्होंने NSUI की उस बुलंदी को छुआ, जिसको आजतक राजस्थान का कोई भी बंदा वो ऊंचाई नहीं पा सका.

सवाल किसी नेता की छत्रछाया का है तो यह धूपछाँव की तरह बदलती रहती है. यकीन कीजिए की विनोद जाखड की मेहनत जब एक दिन दिल्ली में सर चढ़कर बोलेगी तो नेताओं को इनकी हमदर्दी की जरूरत होगी.

आज तो विनोद जाखड को कोई सचिन पायलट का चेला बता रहा है तो कोई अशोक गहलोत की फैक्ट्री का प्रोडक्ट जता रहा है. जाहिर इन दोनों नेताओं का हाईकमान के सामने कद बड़ा होने से ऐसी चर्चाएं हवा में तैरती है.

जाखड के अध्यक्ष बनने से कांग्रेस के छात्र वर्ग और युवाओं में उत्साह का संचार हुआ है इससे राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे देश में 'हाथ' को मजबूती मिलेगी खासकर पिछड़ी जाति से आने वाले युवाओं में कांग्रेस के प्रति खोया विश्वास लौट आयेगा.

बहरहाल जाखड के लिए सबको साधने की बड़ी चुनौती होगी,जिससे वो किस प्रकार निपटेगे, यह तो भविष्य के गर्भ में है.
▪︎ बाल मुकुंद जोशी

एनएसयूआई का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाने के बाद विनोद जाखड़ पर किसी विशेष नेता का "ठप्पा" लगाना और उसका अपनी-अपनी रुचि से हवाबाजी करना किसी का एजेंडा हो सकता है..लेकिन जाखड के छोटे और प्रभावशाली से सियासी सफर पर नजर डाले तो यह साफ है कि उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा समर्पण और मजबूती से काम करने की शैली का ईनाम है कि आज उन्होंने NSUI की उस बुलंदी को छुआ, जिसको आजतक राजस्थान का कोई भी बंदा वो ऊंचाई नहीं पा सका.

सवाल किसी नेता की छत्रछाया का है तो यह धूपछाँव की तरह बदलती रहती है. यकीन कीजिए की विनोद जाखड की मेहनत जब एक दिन दिल्ली में सर चढ़कर बोलेगी तो नेताओं को इनकी हमदर्दी की जरूरत होगी.

आज तो विनोद जाखड को कोई सचिन पायलट का चेला बता रहा है तो कोई अशोक गहलोत की फैक्ट्री का प्रोडक्ट जता रहा है. जाहिर इन दोनों नेताओं का हाईकमान के सामने कद बड़ा होने से ऐसी चर्चाएं हवा में तैरती है.

जाखड के अध्यक्ष बनने से कांग्रेस के छात्र वर्ग और युवाओं में उत्साह का संचार हुआ है इससे राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे देश में 'हाथ' को मजबूती मिलेगी खासकर पिछड़ी जाति से आने वाले युवाओं में कांग्रेस के प्रति खोया विश्वास लौट आयेगा.

बहरहाल जाखड के लिए सबको साधने की बड़ी चुनौती होगी,जिससे वो किस प्रकार निपटेगे, यह तो भविष्य के गर्भ में है.