▪︎ बाल मुकुंद जोशी
राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रहे शिवचरण जी माथुर का जन्म भले ही अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 14 फरवरी को हुआ था, लेकिन वे अपना जन्मदिन हिंदी पंचांग की तिथि के अनुसार महाशिवरात्रि को ही मनाते थे.
उनकी दोहती और कांग्रेस नेता विभा माथुर बताती हैं कि माथुर का जन्म मध्यप्रदेश के गुना शहर में महाशिवरात्रि के दिन हुआ था. उनका लालन-पालन करौली (राजस्थान) में हुआ, माथुर साहब अपनी माताजी के साथ बचपन में अपने ननिहाल करौली आ गए थे.
विभा माथुर के अनुसार, माथुर एक जमींदार परिवार से संबंध रखते थे. पारिवारिक और सामाजिक परिवेश ने उनके भीतर नेतृत्व और जनसेवा के संस्कार शुरू से विकसित हुए. उनके परिवार का स्वतंत्रता आंदोलन से भी गहरा संबंध रहा.
उनकी बहन सरला जी का विवाह प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी माणिक लाल वर्मा के परिवार में हुआ था, जिसके चलते माथुर भी सपत्नीक आजादी के संग्राम से जुड़ गए और राष्ट्रीय चेतना से प्रेरित होकर सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हुए.
स्व. शिवचरण माथुर प्रशासनिक कुशलता, संगठन क्षमता और जनहित के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे. हिंदी तिथि के अनुसार आज उनकी स्वर्ण जयंती पर उनके योगदान और व्यक्तित्व को स्मरण करते हुए शत-शत नमन.