कार्यक्रम की अध्यक्षता रामेश्वरलाल रणवा ने की। इस अवसर पर पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती तथा ग्रामीण महिला शिक्षण संस्थान के पूर्व अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् चैन सिंह आर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्रामीण महिला शिक्षण
संस्थान की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया।
इस दौरान यूडीएच मंत्री खर्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि भारतवर्ष में प्राचीन समय में गुरुकुल शिक्षा पद्धति में प्रत्येक व्यक्ति को उसकी रुचि और क्षमता का आकलन कर उसे पारंगत बनाया जाता था। तभी उस समय देश सोने की चिड़िया कहलाता था। ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन आने के बाद देश में मैकॉले की शिक्षा पद्धति लागू कर गुरुकुल की शिक्षा पद्धति को नष्ट किया गया था। यहां के लोगों को नौकर बनाने पर ज्यादा कार्य किया गया, जबकि उनका कौशल सुधारने पर कोई कार्य नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कौशल विकास पर कार्य करते हुए गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में आमजन को रुचि एवं योग्यता के अनुसार उसी क्षेत्र में पारंगत कर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है, जिससे वे देश के आर्थिक विकास में योगदान दे सकें। इस दौरान उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं में आमजन से सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज लड़कियां सभी क्षेत्रों में लड़कों से आगे हैं। उन्होंने लड़कियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुसार कार्य करते हुए अपने क्षेत्र में पारंगत बनें तथा देश के विकास में अपना योगदान दें, ताकि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाया जा सके।
डीजीएम, एनएसडीसी, नई दिल्ली संदीप कतना ने कहा कि यह कौशल रथ सीकर जिले में गांव-गांव में जाकर 2500 युवाओं को प्रशिक्षण देकर सर्टिफाइड करेगा। कौशल रथ के माध्यम से 5 दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन 2 घंटे प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उसके बाद सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।उन्होंने बताया कि
उन्होंने बताया कि कौशल रथ उद्यमिता, वित्तीय एवं डिजिटल कौशल विकसित करने के लिए गांव-गांव जाएगा।
इस दौरान संस्थान की पायल चौधरी, रिंकू कुमारी, रितु, रीना, प्रियंका कुमावत, वंशिका एवं डिंपी को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान संस्थान के विकास में सक्रिय योगदान देने वाले भामाशाहों का भी सम्मान किया गया।
पूर्व विधायक एवं अध्यक्ष देवनारायण बोर्ड जोगिंदर सिंह अवाना, जिला अध्यक्ष मनोज बाटड़, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह शेखावत, झाबर सिंह, प्रभु सिंह ओला, बीरबल ढाका, बीएल मील सहित अन्य उपस्थित रहे।



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