मामला हरसानी उप-तहसील का है, जहां ग्रामीणों ने पाइपलाइन कार्य में लेआउट बदलने, घटिया गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्धारित तकनीकी मानकों की अनदेखी कर कार्य कराया गया, जिससे भविष्य में जलापूर्ति प्रभावित होगी।
धरने के दौरान विधायक भाटी ने कहा, “ग्रामीणों को सड़क पर उतरने की नौबत क्यों आए? इसकी जिम्मेदारी विभाग की है। जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, मैं यहीं धरने पर बैठा रहूंगा।”
ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सही लेआउट के अनुसार कार्य दोबारा कराया जाए। घटना के बाद पीएचईडी कार्यालय में दिनभर गहमागहमी बनी रही।

