सीकर के नीमकाथाना से दो बार विधायक रहे फूलचंद गुर्जर का शुक्रवार को जयपुर में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और जयपुर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन थे। उनके निधन की खबर मिलते ही नीमकाथाना सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक का अंतिम संस्कार नीमकाथाना में किया जाएगा। उनके निधन पर राजनीतिक, सामाजिक और जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
फूलचंद गुर्जर का जन्म सीकर जिले के मोकुंदा गांव में हुआ था। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से इतिहास विषय में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की शिक्षा प्राप्त की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने शिक्षक के रूप में की और 1972 से 1978 तक जयपुर के बनिपार्क स्थित सरस्वती विद्या निकेतन में अध्यापन कार्य किया।
वर्ष 1978 में वे ग्राम पंचायत बेगा की नांगल से सरपंच चुने गए और पांच वर्षों तक इस पद पर रहते हुए ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। गुर्जर 1985 से 1990 तक आठवीं राजस्थान विधानसभा और 1990 से 1992 तक नौवीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे। इसके अलावा वे 1993 और 1998 में भारतीय जनता पार्टी से विधायक प्रत्याशी भी रहे।
विधानसभा सदस्य के रूप में उन्होंने विभिन्न समितियों में कार्य किया। वे 1985-87 तक अधीनस्थ विधान संबंधी समिति, 1987-88 तक पुस्तकालय समिति, 1988-90 तक सरकारी आश्वासन संबंधी समिति तथा 1990-92 तक प्राक्कलन समिति (ख) के सदस्य रहे। क्षेत्र में वे किसान नेता के रूप में विशेष पहचान रखते थे।
