राकेश गुर्जर
फतेहपुर शेखावाटी और आस-पास के इलाकों में सोमवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया। दोपहर करीब 1:45 बजे पूरा शहर भयानक रेत के बवंडर (धूल के गुबार) की चपेट में आ गया। मिट्टी की एक ऊंची और लंबी दीवार जैसी आंधी ने शहर की ऊंची इमारतों और पहाड़ों को धूल के गुबार से ढक दिया।
इसके कारण दिन के उजाले में ही चारों तरफ अंधेरा पसर गया। करीब एक घंटे तक आसमान में सिर्फ मिट्टी ही मिट्टी नजर आ रही थी। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़कों पर चल रहे वाहनों के पहिए थम गए। विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने सड़क किनारे अपनी गाड़ियां रोकी और सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचकर अपना बचाव किया।
घरों में घुसी धूल, जनजीवन प्रभावित
धूलभरी आंधी के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी इतनी जबरदस्त थी कि लोगों के घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद होने के बावजूद अंदर तक मिट्टी भर गई। कमरों, आंगन और छतों पर धूल की मोटी परतें जम गईं, जिससे गृहणियों और आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। शहर के ऊंचे इलाकों और छतों से लोगों ने बवंडर के वीडियो भी बनाए।