जयपुर : पूर्व मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की जयंती के अवसर पर स्मृति समारोह आयोजित किया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मौजूद रहे। उनके साथ पूर्व मंत्री एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बी. डी. कल्ला, पूर्व मंत्री एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह, पूर्व मंत्री एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष चंद्रभान, सांसद हरीश मीणा, विधायक अमीन कागज़ी, विधायक सुरेश मोदी, विधायक प्रशांत शर्मा, पूर्व मंत्री रघु शर्मा, पूर्व विधायक सुचित्रा आर्य, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सह सचिव विजय जांगिड, कांग्रेस सांसद प्रत्याशी अनिल चोपड़ा सहित अनेक कांग्रेस नेता शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की सुपुत्री वंदना माथुर और दोहिती वंदना माथुर ने किया।
सचिन पायलट ने अपने संबोधन में कहा कि शिवचरण माथुर सरल और मधुर स्वभाव के नेता थे, जो सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और सादगी के साथ किया गया उनका कार्य सभी के लिए उदाहरण है। पायलट ने अपने पिता स्वर्गीय राजेश पायलट के साथ उनके संबंधों को याद करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को माथुर से सीख लेकर समझना चाहिए कि कलम और नीति-निर्माण की ताकत का उपयोग किस तरह प्रदेश और देश के विकास के लिए किया जा सकता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने शिवचरण माथुर के दो बार के मुख्यमंत्री कार्यकाल और लंबे राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राजस्थान के विकास को नई गति दी। जल संसाधन, कृषि विस्तार, डेयरी विकास, ऊर्जा, पावर तथा ऑयल एक्सप्लोरेशन जैसी महत्वपूर्ण नीतियों पर उनके फैसलों का प्रभाव आज भी दिखाई देता है।
बी. डी. कल्ला ने कहा कि उनके साथ कई विभागों में काम करते हुए उन्होंने देखा कि किस प्रकार शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से उन्होंने प्रदेश को नई दिशा दी। सांसद हरीश मीणा ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि वे प्रशासन और राजनीति के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर निर्णयों को मजबूती से लागू करते थे। डॉ. चंद्रभान सहित अन्य नेताओं ने भी उनकी नीति-निर्माण क्षमता और दूरदर्शिता को याद किया। पूर्व विधायक सुचित्रा आर्य ने अपने उद्बोधन में शिवचरण माथुर के जल संसाधन नीतियो पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में वंदना माथुर ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके पिता ने जीवनभर सिद्धांतों और जनसेवा को प्राथमिकता दी तथा राजनीति को समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान का माध्यम माना। कार्यक्रम में विभा माथुर ने कहा कि शिवचरण माथुर मार्गदर्शक और मूल्यों की सीख देने वाले व्यक्तित्व थे और उनकी सादगी व अनुशासन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं।
समारोह के दौरान समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. डी. आर. मेहता, संस्थापक भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, को शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिवचरण माथुर के राजनीतिक सफर पर आधारित फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिससे उपस्थित लोगों को उनके कार्यकाल के महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी मिली। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अतुल गर्ग का कार्यक्रम में सम्मान किया गया और उन्होंने अपने उद्बोधन में पूर्व मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर के साथ काम करने के अनुभवों को साझा किया।