एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ ने राजस्थान सरकार द्वारा छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने को निंदनीय और अलोकतांत्रिक करार दिया है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा चुनाव प्रक्रिया रोके जाने से छात्र-छात्राओं के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है.
जाखड़ ने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनावों के माध्यम से चुने गए प्रतिनिधि ही छात्रों की समस्याओं को मजबूती से प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं. चुनाव बंद होने से छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ है.
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई हमेशा से छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी छात्रसंघ चुनाव बहाल करवाने के लिए कानूनी व लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रखेगी. जाखड़ के अनुसार, हाईकोर्ट की हालिया टिप्पणी सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश है कि छात्रसंघ चुनाव रोकना असंवैधानिक है.
एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग की कि वह तत्काल प्रभाव से छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया शुरू करे और छात्र-छात्राओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकार वापस दिलाए.
