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मां जीण के जयकारों से गूंजा नवलगढ़, भव्य कलशयात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

नवलगढ़ : मां जीण भवानी के जयकारों और भक्ति गीतों से गुरुवार को नवलगढ़ नगरी गूंज उठी। यूनाईटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के तत्वावधान में बाबा रामदेव मंदिर के पास आयोजित जीणमाता कथा के शुभारंभ पर भव्य कलशयात्रा निकाली गई। कलशयात्रा में नवलगढ़ सहित आसपास के गांवों से हजारों महिला श्रद्धालु शामिल हुईं। श्रद्धालु मां जीण की भक्ति में सराबोर नजर आए। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर कलशयात्रा का स्वागत किया गया।
कलशयात्रा का शुभारंभ नयाबाजार स्थित घेर के मंदिर से जीणमाता की पालकी के साथ हुआ। मां जीण के जयकारों के बीच श्रद्धालु भक्ति में झूमते और नृत्य करते हुए आगे बढ़े। यात्रा पोदार गेट, मुख्य बाजार और नानसागेट होते हुए कथा स्थल पहुंची। इस दौरान मुख्य बाजार में श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पेयजल की व्यवस्था भी की गई।
कथा स्थल पर विश्व प्रसिद्ध करणी कथावाचक महंत डॉ. करणी प्रताप महाराज ने मां जीण की ज्योत ली। श्रद्धालुओं ने ज्योत के दर्शन कर मां जीण से सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इसके बाद विधिवत आरती हुई तथा श्रद्धालुओं को रसगुल्ले का प्रसाद वितरित किया गया।

जीणमाता की महिमा सुनकर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
कथावाचक डॉ. करणी प्रताप महाराज ने कहा कि मां जीण के आशीर्वाद से नवलगढ़ में ऐतिहासिक और भव्य कलशयात्रा निकली है। सनातन परंपरा में जीण भवानी के प्रति श्रद्धालुओं की विशेष आस्था रही है। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से श्रद्धालु मां जीण की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जीणमाता की महिमा और उनके प्राकट्य की कथा श्रद्धालुओं को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ती है। जीणमाता की कथा के श्रवण से जीवन की बाधाएं दूर होने तथा घर-परिवार में सुख-समृद्धि आने की धार्मिक मान्यता है। कथा के माध्यम से मां जीण के प्राकट्य, उनके अवतार और भक्तों पर उनकी निरंतर कृपा का वर्णन किया जाएगा।

जीणमाता की कथा का आयोजन 20 अगस्त तक होगा। कथा प्रतिदिन दोपहर दो बजे से शुरू होगी। कथावाचक ने बताया कि 15 अगस्त को जीणमाता का मंगल जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। कथा के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक उत्सव भी आयोजित होंगे। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर जीणमाता की कथा का श्रवण करने का आह्वान किया।